1Shayari


' मंजिल ना मिले वंहा तक हिम्मत मत हारो और ना ही ठहरो. क्यों की पहाड़ से निकलने वाली नदियों ने आज तक रास्ते में किसीको नहीं पूछा के भाई समन्दर कितना दूर है '
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